हिन्दू परम्परा में सप्ताह का हर दिन (वार) एक ग्रह और एक देवता से जुड़ा है। बहुत से परिवार उसी के अनुसार अपनी दैनिक आरती चुनते हैं।
| दिन | देवता | आरती | भोग |
|---|---|---|---|
| रविवार | सूर्य, विष्णु | ॐ जय जगदीश हरे | सूर्य को जल, गुड़ |
| सोमवार | शिव | ॐ जय शिव ओंकारा | जल, दूध, बेलपत्र |
| मंगलवार | हनुमान | आरती कीजै हनुमान लला की | सिन्दूर, बूंदी |
| बुधवार | गणेश, कृष्ण | जय गणेश देवा, आरती कुंजबिहारी की | दूर्वा, मोदक |
| गुरुवार | विष्णु, बृहस्पति | ॐ जय जगदीश हरे | पीले फूल, चने की दाल, केला |
| शुक्रवार | लक्ष्मी, दुर्गा, सन्तोषी माँ | ॐ जय लक्ष्मी माता, जय अम्बे गौरी, जय सन्तोषी माता | सफेद मिठाई, गुड़-चना |
| शनिवार | शनि, हनुमान | शनिदेव आरती, हनुमान आरती | सरसों तेल का दीपक, काले तिल |
सोमवार: भगवान शिव
शिवलिंग पर जल या दूध और बेलपत्र चढ़ाकर ॐ जय शिव ओंकारा गाएँ और अंत में कर्पूरगौरं बोलें। सावन के सोमवार विशेष फलदायी माने जाते हैं।
मंगलवार: हनुमान जी
हनुमान चालीसा के बाद आरती कीजै हनुमान लला की गाएँ। चमेली के तेल में सिन्दूर चढ़ाना शुभ है।
बुधवार: गणेश जी
दूर्वा अर्पित कर जय गणेश देवा गाएँ। कुछ परिवारों में बुधवार श्रीकृष्ण के लिए भी माना जाता है, इसलिए आरती कुंजबिहारी की भी गाई जाती है।
गुरुवार: विष्णु और बृहस्पति
पीले वस्त्र पहनें, पीले फूल चढ़ाएँ और ॐ जय जगदीश हरे गाएँ। सत्यनारायण कथा के लिए भी गुरुवार प्रिय है।
शुक्रवार: देवी माँ
समृद्धि के लिए लक्ष्मी आरती, शक्ति के लिए जय अम्बे गौरी और शुक्रवार व्रत में जय सन्तोषी माता गाएँ।
शनिवार: शनिदेव और हनुमान
पीपल के नीचे या शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनिदेव की आरती करें। हनुमान आरती भी इस दिन शुभ है।
रविवार: सूर्य देव
प्रातः ताँबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें और शाम को ॐ जय जगदीश हरे गाएँ।
पूरी विधि के लिए पढ़ें: घर पर आरती कैसे करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सोमवार को कौन सी आरती करें?
सोमवार भगवान शिव का दिन है, इसलिए ॐ जय शिव ओंकारा और उसके बाद कर्पूरगौरं मंत्र।
क्या किसी भी दिन कोई भी आरती कर सकते हैं?
हाँ, वार की परम्परा एक मार्गदर्शन है, बंधन नहीं। श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है।