गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है, जो अधिकतर अगस्त-सितम्बर में आती है। परिवार गणपति जी को घर लाते हैं, रोज़ पूजा करते हैं और विसर्जन से विदाई देते हैं। यहाँ सरल योजना है।
त्योहार से पहले
- मूर्ति का चुनाव। मिट्टी की छोटी मूर्ति सबसे अच्छी है क्योंकि वह जल में आसानी से घुल जाती है। प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बचें।
- स्थान तैयार करें। चौकी साफ करें, लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ और दीपक व फूल रखें।
- सामग्री। आरती की थाली के साथ दूर्वा (21 दूब आम तौर पर), लाल गुड़हल, मोदक, नारियल और केले रखें।
स्थापना
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और मूर्ति को पूर्व या पश्चिम मुख रखें।
- दीपक जलाकर संकल्प लें।
- कुमकुम, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें और “ॐ गं गणपतये नमः” बोलें।
- मोदक और फल का भोग लगाएँ।
- जय गणेश देवा गाएँ और कर्पूरगौरं मन्त्र से समापन करें।
संस्कृत मन्त्र न आते हों तो श्रद्धा से आरती, अपने शब्दों में प्रार्थना और रोज़ एक फूल पर्याप्त है।
रोज़ की पूजा
सुबह-शाम दीपक जलाएँ, ताज़े फूल और एक मिठाई चढ़ाएँ और परिवार के साथ आरती गाएँ। बच्चों को घंटी बजाने दें; इस तरह वे आरती से जुड़ते हैं।
विसर्जन
निर्धारित दिन अन्तिम आरती करें, मिठाई चढ़ाएँ और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करें। मिट्टी की मूर्ति को घर में बाल्टी या टब में विसर्जित करें और पानी-मिट्टी पौधों में डाल दें।
पर्यावरण-अनुकूल सुझाव
- प्राकृतिक फूल लें, प्लास्टिक सजावट से बचें
- घर में ही विसर्जन करें
- प्रसाद पत्तल या स्टील के बर्तन में दें
- जगह के अनुसार छोटी मूर्ति चुनें
क्षेत्रीय भिन्नता
महाराष्ट्र में यह बड़ा सार्वजनिक उत्सव है, कर्नाटक-आन्ध्र में विनायक चविति और तमिलनाडु में विनायगर चतुर्थी। नाम और मिठाइयाँ अलग हैं, श्रद्धा एक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणेश चतुर्थी पर कौन सी आरती गाई जाती है?
उत्तर भारत में प्रायः जय गणेश देवा गाई जाती है। महाराष्ट्र में सुखकर्ता दुखहर्ता भी बहुत प्रचलित है।
गणपति जी को घर में कितने दिन रखना चाहिए?
परिवार की परम्परा के अनुसार डेढ़, तीन, पाँच, सात या दस दिन रखकर विसर्जन किया जाता है।
घर के लिए कैसी मूर्ति सबसे अच्छी है?
शाडू मिट्टी की छोटी मूर्ति सबसे उत्तम है, जो घर की बाल्टी में घुल जाती है।